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26. 杀真菌剂通过干扰细胞发育来抑制真菌生长。许多杀真菌剂通过破坏细胞膜、阻断关键的酶或蛋白质的功能、或干扰包括呼吸在内的各种代谢过程来发挥作用。

27. 电子传递链抑制剂是能够阻断植物体内电子传输的杀虫剂。

28. 酶的抑制剂会使蛋白质和酶的结构分解、破坏或失活,从而导致它们失去功能。

29. 核酸代谢和蛋白质合成抑制剂可以阻止RNA或DNA的构建,因此在细胞核的水平阻断细胞分裂。

30. 甾醇合成抑制剂阻断麦角甾醇的合成过程。麦角甾醇类似于人体的胆固醇,而大多数真菌需要这种物质以便生成具备功能的膜结构。

31. 许多杀真菌剂作用于多重位点。细胞发育干扰剂、膜干扰剂、呼吸抑制剂和脂类合成剂拥有未知的作用方式。

32. 在这些类别的化学制剂中,一些最常见的例子包括硫、铜、矿物油、百菌清、克菌丹、氨基甲酸酯以及多肽。

33. 杀菌剂和抗生素广泛见于所有生物,对于控制有害细菌必不可少。

34. DNA和RNA是包括细菌在内的所有生物进行繁殖所需的关键物质。 DNA合成抑制剂可以阻断DNA的合成。 这些抗生素通过与DNA或RNA合成过程相关成分的相结合而发挥作用。这将会干扰细胞的正常生理过程,并最终破坏细菌繁殖和生存的能力。这类抑制剂包括喹诺酮、甲硝唑和利福平。

35. 酶和细胞结构主要由蛋白质构成。蛋白质合成是所有细菌细胞进行繁殖和生存所必需的基本过程。细菌蛋白质合成抑制剂包括几种抗菌剂。它们通过与各种核糖体结合来影响细菌的蛋白质合成,从而破坏细菌的正常细胞代谢,并因此导致细菌的死亡或生长停止。

36. 虽然人和动物的细胞没有细胞壁,但这种结构对细菌的生长和存活具有至关重要的作用。细菌细胞壁合成抑制剂是一种通过作用于细胞壁而选择地杀菌或抑菌的药物。这类药物包括青霉素、头孢菌素、杆菌肽和万古霉素。

37. 几种杀虫剂会影响未知靶标位点的功能,或非特异性地作用于多个靶标位点。

38. 所有农药都存在抗药性的现象。最佳应对农药抗药性的策略是通过监测害虫的种群密度变化、重点分析经济损失的程度、以及采用多种策略综合防治方法来将预防抗药性作为首要的任务。

39. 只有当害虫的数量达到足以造成经济损失或威胁公众健康时,才使用农药。

40. 尽可能多地采用不同的控制策略。例如使用合成型和生物型杀虫剂、益虫、转基因植物、作物轮作和抗害虫作物来控制害虫。

41. 最好的策略是制定一项综合全面的计划在管理宿主作物的健康的同时,控制害虫的危害。

1. पेस्टिसाइड्स (कीटनाशक) कीट को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रसायन हैं। पेस्टिसाइड्स कई तरह के होते हैं। हर्बिसाइड्स (शाकनाशक) पौधे नष्ट करते हैं, डिसइंफेक्टैंट (कीटाणुनाशक) रोगाणु दूर करते हैं, फंजिसाइड्स (कवकनाशक) कवक नष्ट करते हैं, इन्सेक्टिसाइड्स (कीटनाशक) कीड़े मारते हैं, और रिपेलेंट्स (विकर्षक) कीटों को दूर भगाते हैं। कई अन्य पेस्टिसाइड्स आर्थ्रोपोड्स (संधिपाद), पक्षियों, मछली, स्तनधारियों, बैक्टीरिया और वायरस को नियंत्रित करते हैं।

2. यह वीडियो सबसे आम इस्तेमाल वाले पेस्टिसाइड्स (हर्बिसाइड्स, इन्सेक्टिसाइड्स, फंजिसाइड्स और बैक्टीरिसाइड्स) और उनकी कुछ बुनियादी कार्रवाई विधियों पर केंद्रित होगा।

3. कार्रवाई विधि वह तरीका है जिसके अनुसार कोई पेस्टिसाइड लक्षित पौधे, जंतु या सूक्ष्मजीव पर जहरीला प्रभाव डालता है।

4. पेस्टिसाइड कार्रवाई विधि को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है: सिस्टेमिक (प्रणालीगत) और संपर्क।

5. सिस्टेमिक में वे पेस्टिसाइड शामिल होते हैं जो पौधे या जंतु के बाहरी सतह
को भेद कर अंदर प्रवेश करके पत्तियों और जड़ प्रणाली या आंतरिक अंग को क्षति पहुंचाते हैं।

6. कॉन्टैक्ट पेस्टिसाइड, कीट नियंत्रण करते समय प्रभावित पौधे (मेजबान) को नहीं भेदता है। यह किसी पौधे में एक बाधक अथवा विकर्षक की तरह कार्य करता है, अथवा मौजूद किसी हरित ऊतक को नष्ट करता है। जंतु या कीट इस के साथ सीधे संपर्क पर मारे जाते हैं।

7. विस्तृत प्रभावी पेस्टिसाइड जीवों की व्यापक प्रजाति, फायदेमंद और नुकसानदायक कीटों दोनों, को नष्ट या नुकसान कर सकता है। कुछ ऐसे भी होते हैं जो कि कीट में विशिष्ट लक्षण को निशाना बनाते हैं।

8. हर्बिसाइड्स (शाकनाशी) वे पेस्टिसाइड्स हैं जो अनचाहे पौधों को नियंत्रित या नष्ट करते हैं। लगभग 5,000 हर्बिसाइड्स अमेरिका में उपयोग के लिए पंजीकृत हैं, सभी विविध कार्रवाई विधि और फॉर्मूला वाले हैं।

9. इस वीडियो में हम सबसे आम इस्तेमाल वाले पांच तरह के हर्बिसाइड्स (शाकनाशियों) के बारे में सीखेंगे। ये हैं ऑक्सिन्स, एंजाइम ब्लॉकर्स, फोटोसिंथेटिक इन्हिबिटर्स (निरोधक), अमीनो एसिड और सेल ग्रोथ इन्हिबिटर्स (कोशिका वृद्धि निरोधक)।

10. वृद्धि नियंत्रक आमतौर पर सिंथेटिक ऑक्सिन्स के नाम से जाने जाते हैं। ये रसायन, प्राकृतिक पादप हॉर्मोन्स की नकल करते हैं और नई डंठलों और पत्तियों में पादप कोशिकाओं की वृद्धि को बाधित करते हैं। वे प्रोटीन के उत्पादन और कोशिकाओं के सामान्य विघटन को प्रभावित करते हैं, जिससे वृद्धि में गड़बड़ी होती है।
11. सिंथेटिक ऑक्सिन्स, ऊतकों की पानी और पोषक तत्व ले जाने वाली कोशिकाओं के विघटन और बगैर रुके वृद्धि करने का कारण बनकर भी पौधों को नष्ट करते हैं। अक्सर इसे “मौत की तरफ खुद वृद्धि करना” कहा जाता है, इसे किसी डंठल में एक सिरे को दूसरे के मुकाबले ज्यादा लंबा होते देखा जा सकता है।

12. सल्फोनिलयूरिया, फेनिल पिराज़ोलीन, और इमिडाज़ोलनोन ए। एल। एस। इन्हिबिटर्स अथवा एंजाइम ब्लॉकर्स के उदाहरण हैं। ये वह रसायन हैं जो एसेटोलैक्टेट सिन्थेस या ए.एल.एस. कहे जाने वाले एंजाइम के सामान्य कार्य को बाधित करते हैं। ये एन्जाइम अमीनो एसिड अथवा प्रोटीन सिंथेसिस में आवश्यक है। प्रोटीनों के बिना पौधे भूखे मर जाएँगे। ये एंजाइम ब्लॉकर्स पौधों की विविध प्रजातियों को नष्ट करते हैं जिसमें चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार, फलीदार नरकुल और घास शामिल हैं।

13. ACCase इन्हिबिटर्स मुख्य रूप से घास नष्ट करते हैं। यह एंजाइम घास के पौधे की जड़ों में लिपिड्स या चरबी बनने में मदद करता है। लिपिड्स के बिना, कमजोर खरपतवार मर जाते हैं।

14. फोटोसिंथेटिक इन्हिबिटर्स जैसे कि बाइपिरिडिनियम और ट्रायज़ीन वे रसायन हैं जो प्रकाश संश्लेषण, अथवा पौधों के भोजन बनाने की प्राकृतिक क्षमता में हस्तक्षेप करते हैं, और पौधे की वृद्धि को बाधित करते हैं, जिससे आखिरकार पौधे की मौत हो जाती है।

15. हर्बिसाइड्स में अमीनो एसिड सिंथेसिस इन्हिबिटर्स, शूट एंड रूट ग्रोथ इन्हिबिटर्स और पीपीओ इन्हिबिटर्स भी हैं।

16. अनेक शाकनाशी इन समूहों के अंतर्गत आते हैं जिनमें ग्लायफोसेट, एसेटोक्लॉर, और ट्रायफ्लूरालिन शामिल हैं। ये शाकनाशी कोशिका वृद्धि और विघटन को रोकते हैं अथवा बाधित कर देते हैं।

17. पिगमेंट इन्हिबिटर्स (रंग निरोधक) अथवा “ब्लीचर्स”, वे शाकनाशी हैं जो उपचार के बाद किसी पौधे के ऊतक को सफेद बना देते हैं। उदाहरण में शामिल हैं ओक्साज़ोलिडिनोन, इसाक्सेज़ोल, और ट्रिकेटोन। वे पौधे में क्लोरोफिल के उत्पादन को बाधित करते हैं जिससे पौधे के ऊतक सफेद हो जाते हैं और प्रकाश संश्लेषण की क्रिया बाधित होती है। प्रकाश संश्लेषण की प्रणाली बगैर कैरोटनाइड्स के धूप द्वारा आसानी से नष्ट की जा सकती है।

18. इन्सेक्टिसाइड्स (कीटनाशी) कीड़ों और अन्य आर्थ्रोपॉड्स को नियंत्रित करते हैं।

19. इन्सेक्टिसाइड्स में मौजूद नसों और मांसपेशियों का ज़हर, कीटों के भीतर मौजूद विभिन्न चैनलों, एन्जाइम्स और ग्राहियों (रिसेप्टर्स) को बाधित, निरोधित, रोक, नष्ट या सक्रिय करता है। उदाहरणों में कार्बामेट्स, ऑर्गनोफॉस्फेट, पायरेथ्रॉइड्स, पायरेथ्रिन्स, फिप्रोनिल, क्लोरडेन, डीडीटी और नियोनिकोटिनॉइड्स शामिल हैं।

20. इसके परिणाम स्वरूप लकवा, अति उत्साह, प्रणालियों का बंद होना और अति उत्तेजित मांसपेशियों का संकुचन जैसे कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं।

21. मिडगट पॉइजन्स (पेट का विष), वे ज़हर हैं जो कि विषाक्त प्रोटीन के जरिए कीट के पेट पर आक्रमण करते हैं और आयनों, या लवणों और दूसरे मिनरल्स को असंतुलित करते हैं और सेप्टिसीमिया, या रक्त में जहर फैलने के कारण बनते हैं। उदाहरण में शामिल हैं बीटी टॉक्सिन्स जैसे कि बेसिलस, थोरिंजीन्सिस, और बेसिलिस स्फेरिकस।

22. इन्सेक्ट ग्रोथ रेग्युलेटर्स (कीट वृद्धि नियंत्रक), इनमें से किसी एक हॉर्मोन की नकल करके, सीधे अंदरूनी झिल्ली की वृद्धि बाधित करके या फिर चरबी निर्माण को नुकसान पहुँचाकर, कीटों के सामान्य जीवन चक्र को बाधित करते हैं। इससे कीट अनिश्चितकाल तक अवयस्क अवस्था में रहकर ही मर जाते हैं।

23. रेस्पिरेटर्स, माइटोकॉन्ड्रियल एटीपी सिंथेसिस के निरोधक, प्रोटोन ग्रेडिएंट को बाधित करके ऑक्सीडेटिव फास्फोरिलेशन को अलग करने वाले, अथवा माइटोकॉन्ड्रियल जटिल इलेक्ट्रॉन परिवहन निरोधक हो सकते हैं।

24. ये कीटनाशी कीटों में कोशिकीय प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाली ऊर्जा के उत्पादन को कम करके उन्हें क्रियाशील होने से रोकते हैं। इनके उदाहरण हैं: मांसपेशियों की कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, देखने में दिक्कत और मांसपेशियों का समन्वय खत्म होना।

25. अन्य अनजान या गैर विशिष्ट लक्षित कीटनाशी, कम वर्णित लक्षित स्थलों या गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए अथवा गैर विशिष्ट रूप से विविध लक्ष्यों पर असर करने के लिए जाने जाते हैं।

26. फंजिसाइड्स कोशिकीय वृद्धि में दखल देकर कवक की वृद्धि को रोकते हैं। इनमें कार्य, कोशिका झिल्ली को नुकसान पहुँचाकर, जटिल एंजाइम्स अथवा प्रोटीन्स को रोककर या विराम देकर, अथवा विभिन्न मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं जैसे सांस लेना बाधित करके किए जाते हैं।

27. इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रंखला निरोधक वे पेस्टिसाइड्स हैं जो किसी पौधे के अंदर इलेक्ट्रॉन्स का परिवहन रोक देते हैं।

28. एंजाइम निरोधक, प्रोटीन्स और एंजाइम्स की संरचना में तोड़फोड़ और बाधित करके या उसे निष्क्रिय करके गतिविधियाँ रोक देते हैं।

29. न्यूक्लिक एसिड मेटाबॉलिज्म और प्रोटीन सिंथेसिस निरोधक, कोशिका को न्यूक्लियर स्तर पर विघटित होने से रोकते हैं और आरएनए अथवा डीएनए को निर्मित होने से रोक देते हैं।

30. स्टेरॉल सिंथेसिस निरोधक, उस प्रक्रिया को रोक देते हैं जो अर्गोस्टेरॉलन उत्पादित करती है। यह मनुष्यों में कोलेस्ट्रॉल के समान है और अधिकांश कवकों के लिए इसकी झिल्ली संरचना और कार्य करने के लिए आवश्यकता होती है।

31. ऐसे कई कवकनाशी हैं जो कि विभिन्न स्थलों पर सक्रिय हैं। कोशिका वृद्धि बाधक, झिल्ली बाधक, श्वास बाधक और लिपिड सिंथेसिस की कार्रवाई विधि अनजान है।

32. इस श्रेणी के कुछ सबसे परिचित रसायन हैं सल्फर, कॉपर, मिनरल ऑयल्स, क्लोरोथालेनिल, कैप्टन, कार्बामेट्स और पॉलीपेटिड।

33. बैक्टीरिसाइड्स और एंटीबायोटिक्स व्यापक रूप से हर जीवन स्वरूप में पाया जाता है और नुकसानदायक बैक्टीरिया को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक होता है।

34. डीएनए और आरएनए सभी जीवित प्राणियों की प्रतिकृति बनाने की कुंजी हैं, इनमें बैक्टीरिया भी शामिल हैं। डीएनए सिंथेसिस निरोधक डीएनए को संश्लेषित होने से रोकते हैं। ये एंटीबायोटिक्स, डीएनए अथवा आरएनए के संश्लेषण की प्रक्रिया में शामिल अंगों से जुड़कर काम करते हैं। इसके कारण सामान्य कोशिकीय प्रक्रिया बाधित होती है और आखिरकार बैक्टीरिया की वृद्धि और ज़िंदा रहने पर लगाम लगती है। उदाहरण में क्विनोलोन, मेट्रोनिडाज़ोल, और रिफाम्पिन शामिल हैं।

35. एंजाइम्स और कोशिकीय संरचनाएँ मुख्य रूप से प्रोटीन से बनी होती हैं। प्रोटीन सिंथेसिस प्रक्रिया, बैक्टीरिया की कोशिकाओं की वृद्धि और जीवित रहने के लिए बहुत ही आवश्यक है। बैक्टीरियल प्रोटीन सिंथेसिस निरोधक में कई एंटीबैक्टीरियल एजेंट्स शामिल होते हैं। ये बैक्टीरियल प्रोटीन सिंथेसिस को विभिन्न राइबोसोम्स को बाधित करके लक्षित करते हैं। इसके परिणामस्वरूप बैक्टीरिया का सामान्य कोशिकीय मेटाबॉलिज्म बाधित होता है और इसके साथ जीव की मौत हो जाती है या फिर उसकी वृद्धि में रुकावट आती है।

36. यद्यपि मनुष्यों और जानवरों की कोशिकाओं में कोशिकीय दीवार नहीं होती, यह संरचना बैक्टीरिया प्रजाति के जीवन और ज़िंदा रहने के लिए काफी जटिल है। बैक्टीरियल वाल सिंथेसिस निरोधक ऐसी दवाएँ हैं जो कि कोशिका की दीवार को निशाना बनाती हैं जिससे बैक्टीरियल जीव की मौत हो जाती है अथवा उस पर रोक लगती है। उदाहरण में पेनिसिलीन, सेफालोस्पोरिन, बैसिट्रेसिन और वैनोकोमायसिन शामिल हैं।

37. कई अनजान लक्षित पेस्टिसाइड्स कुछ कार्रवाइयों के अवर्णित लक्षित स्थलों को प्रभावित करते हैं अथवा विभिन्न लक्ष्यों पर गैर विशिष्ट रूप से कार्य करते हैं।

38. प्रतिरोध सभी पेस्टिसाइड्स में में देखा जाता है। पेस्टिसाइड प्रतिरोध की सबसे बढ़िया रणनीति हैं; कीट के संख्या घनत्व में परिवर्तन की निगरानी करके, आर्थिक नुकसान के स्तर पर गौर करके और विभिन्न नियंत्रण रणनीतियों को समाहित करके; पहले ही स्थान पर प्रतिरोध को रोक देना।

39. पेस्टिसाइड्स का उपयोग तभी करें जब कीटों की संख्या इतनी ज्यादा हो कि जिससे बड़ा आर्थिक नुकसान हो सके या फिर जनसामान्य के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचने की संभावना हो।

40. कोशिश करें कि भिन्न तरह की नियंत्रण रणनीतियों को आपस में मिलाकर काम कर सकें। उदाहरण के लिए सिंथेटिक और जैविक इंसेक्टिसाइड्स, फायदेमंद कीट, ट्रांसजेनिक पौधे, फसल चक्र में बदलाव, और कीट नियंत्रक फसलें।

41. सबसे बेहतर रणनीति है, अपने मेजबान के स्वास्थ्य प्रबंधन और कीटों के खिलाफ लड़ाई में सहयोग के लिए एक व्यापक योजना का विकास करना।

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